भगवान कुबेर को हिंदू धर्म में धन और खजाने के देवता माना गया है। इन्हें विष्णु जी का खजांची भी कहा जाता है। शुद्ध पीतल से निर्मित यह खूबसूरत प्रतिमा सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र अनुसार आर्थिक उन्नति और स्थायी समृद्धि का स्रोत मानी जाती है।
वास्तु लाभ:
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुबेर जी की मूर्ति को घर या ऑफिस की उत्तर दिशा में स्थापित करना अत्यंत शुभ होता है। यह दिशा कुबेर की मानी गई है और यहां उनकी स्थापना से धन-धान्य, स्थिरता और कारोबार में बढ़ोतरी होती है। यह प्रतिमा नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर घर में धन का प्रवाह बनाए रखती है।
मुख्य विशेषताएँ:
शुद्ध पीतल से निर्मित – टिकाऊ और प्रामाणिक
पारंपरिक कारीगरी और आकर्षक फिनिश
घर, दुकान, ऑफिस या मंदिर में स्थापना हेतु उपयुक्त
वास्तु अनुसार समृद्धि और शुभता को आकर्षित करता है
पूजा, धन वृद्धि या गिफ्ट के लिए आदर्श विकल्प
गिफ्ट के लिए उत्तम:
विवाह, गृह प्रवेश, दिवाली, या व्यवसायिक अवसरों पर यह एक पवित्र और उपयोगी उपहार हो सकता है।







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